May 19, 2024
Shadi Ke Rishte: Prem aur Samanta Ka Safar

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शादी के रिश्तों में समानता: परिवार का साथ और समृद्धि का आधार

हर रिश्ते को निभाने के लिए उसमें समानता होना बहुत जरूरी है ,शादी के रिश्ते में समानता का अर्थ एक दूसरे को समझना और तालमेल बैठाने से है |
अंहकार रिश्ते में दूरियां पैदा करके रिश्ते को खराब कर देता है |

Shadi Ke Rishte: Prem aur Samanta Ka Safar

Shadi Ke Rishte: Prem aur Samanta Ka Safar
Shadi Ke Rishte: Prem aur Samanta Ka Safar

समानता का अर्थ क्या है ? कुछ का इस पर ये कहना हो सकता है कि दोनों पार्टनर एक जितना पैसा कमा रहे हों या फिर जिम्मेदारियों में दोनों की ही बराबरी होती है |सबके अलग -अलग मत हो सकते हैं ,जैसे पति -पत्नी एक गाड़ी दो पहियों की तरह होते हैं और उनकी जिम्मेदारी होती है वह गाड़ी जो उन्हें मिलकर ही चलानी होती है |किसी एक के कमजोर पड़ने पर दूसरे को सहारा देना होता है ऐसे ही ये रिश्ता चलता है ,किसी एक के परेशान होने से दूसरा उसे प्यार से संभाल ले अगर एक अपने आप को अधिक महत्व देने लगे और दूसरे की फ़िक्र छोड़ दे तो रिश्ता कब टूट जाएगा पता भी नहीं चलेगा |

अपने रिश्ते को अच्छा और बचाने के लिए जरा ध्यान दें

  • अपने पार्टनर को कभी भी उनकी सेलरी या फिर काम के आधार पर नीचा न दिखाएं | पत्नी की जिम्मेदारी केवल खाना बनाना नहीं है और पति का काम केवल पैसा कमाना नहीं है ,क्योंकि ये पुरानी सोच है उन्हें उनकी पसंद का काम करने में सहयोग करें |
  • दोनों को जो समझ है उस बारे में अपने साथी को सिखाना चाहिए जैसे – कोई वित में अच्छा है तो वो दूसरे को सिखाए अगर कोई रिश्तों की समझ रखता है तो वो रिश्तों के बारे में अपने साथी को समझाए |
  • एक रिश्ते में दोनों पार्टनर समान होते हैं इसलिए कोई भी किसी एक -दूसरे पर हावी नहीं हो सकता फिर चाहे बात विचारों की हो या कोई फैसला लेने की आपसी सहमति से ही कोई फैसला करें |
  • एक -दूसरे का सम्मान करना ,बातें सांझा करना और बातचीत करना सबसे जरूरी है इससे रिश्ता खुशहाल और मजबूत बनता है |
Shadi Ke Rishte: Prem aur Samanta Ka Safar
Shadi Ke Rishte: Prem aur Samanta Ka Safar

कहां होती है गलती ? अक्सर समाज में सब बचपन में देखते हैं कि अधिकांश पुरुष घर के बाहर काम करते हैं महिलाएं घर के अंदर काम करती है घर संभालती है बच्चे का पालन -पोषण करती है फिर चाहे जॉब करती हो या न करती हो वहीं घर के अधिकांश फैसले पुरुष लेते हैं ,धीरे -धीरे महिलाओं को लगता है कि वे अकेले ही घर संभाल रही है और पुरुष को लगता है कि इतना भाग -दौड़ के बाद भी उलाहना देते हैं यही सोच से लड़ाई झगड़े होते हैं और रिश्ते टूट जाते हैं |

इसलिए रिश्ते को बचाए रखने के लिए आपसी तालमेल और समानता जरूरी है एक दूसरे पर दोष न दें और जरूरत होने पर बेझिझक मदद मांगे इससे आपसी प्यार भी बढ़ता है और सामने वाले को अच्छा भी लगता है उसे लगता है कि आपकी जिंदगी में उनकी भी कोई अहमियत है |


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