May 19, 2024
Fazilka Crime News Today

property fraud case news fazilka

Spread the love

महिला के जाल में फंसे व्यक्ति ने दिया परिवार को धोखा ,अपनी पुत्री की जगह खास महिला की बेटी को पेशकर उसके नाम करा दी आठ कनाल जमीन।

फाजिल्का:Fazilka Crime News Today अपनी मां,पत्नी और बच्चों को विश्वास में लिए बिना उनका हक मारकर दूसरी खास महिला की बेटी के नाम 8 कनाल जमीन की ट्रांसफर डीड करवाने वाले व्यक्ति सहित 8 आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी पुलिस केस किया है।

शिंदर कौर ने कहा कि उसके पति को एक ब्लैकमेलर औरत ने अपने जाल में फंसा लिया है और उसकी 8 कनाल जमीन अपने नाम करवा ली है। शिंदर कौर के अनुसार उक्त औरत ने एक गिरोह बनाया हुआ है ,जो भोले -भाले लोगों को को फंसाती है और उनकी संम्पति लूट लेती है।Fazilka Crime News Today

Fazilka Crime News Today
property fraud case fazilka

सरकार की हिदायतों के मुताबिक ट्रांसफर डीड खून के रिश्तों में हो सकती है जबकि आरोपी कमलेश कौर संबंधित व्यक्ति के साथ उनका कोई रिश्ता नहीं है और गांव के नंबरदार ही जमीन बाबत ट्रांसफर डीड में गवाह अधिकांश बाहर के गांवों से ही डाले गए हैं। उसने कहा कि उक्त आरोपियों ने उसका व् उसके बच्चों का हक छीना है।

पुलिस ने दर्ज़ किया मामला-Fazilka Crime News Today

गवाहियां भी दूसरे गांव की है जाँच अधिकारी जरनैल चंद ने बताया कि उनको शिंदर कौर निवासी गांव काठगढ़ की ओर से बयान दर्ज करवाए गए थे कि उसकी शादी 18 साल पहले हरजीत सिंह के साथ हुई थी ,जिसके बाद उनके दो बच्चे हुए एक लड़का ओर एक लड़की।Fazilka Crime News Today

Fazilka Crime News Today
property fraud case

उसके पति हरजीत सिंह की ओर से 8 कनाल जमीन की एक ट्रांसफर डीड कमलेश कौर के नाम 30 अप्रैल 2021 को कर दी गयी थी और डीड में लड़की का नाम छाया रानी लिखा हुआ है यह लड़की कमलेश की है और उससे हमारा कोई संबंध नहीं है। एसएसपी की मंजूरी के बाद केस दर्ज हुआ। अब आगे की कार्यवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने धारा 465, 467, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया  है।

क्या है ट्रांसफर डीड-

भारत में एक हस्तांतरण विलेख एक कानूनी दस्तावेज है जिसका उपयोग संपत्ति या संपत्ति के स्वामित्व को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। ट्रांसफर डीड ट्रांसफर के नियम और शर्तों को रेखांकित करते हुए ट्रांसफरर (विक्रेता) और ट्रांसफरी (खरीदार) के बीच एक लिखित समझौता है।

भारत में, हस्तांतरण विलेख आमतौर पर अचल संपत्ति, जैसे भूमि या घर, साथ ही शेयर, बांड और अन्य वित्तीय संपत्तियों के स्वामित्व को स्थानांतरित करने के लिए उपयोग किया जाता है। हस्तांतरण विलेख को कानूनी रूप से वैध माने जाने के लिए उप-पंजीयक कार्यालय जैसे उपयुक्त सरकारी प्राधिकरण के साथ पंजीकृत होना चाहिए।Fazilka Crime News Today

ट्रांसफर डीड में आमतौर पर ट्रांसफर की जा रही प्रॉपर्टी या एसेट, ट्रांसफर करने वाले और ट्रांसफरी के नाम और पते, ट्रांसफर के लिए विचार या भुगतान और ट्रांसफर से जुड़ी कोई भी शर्तें या अनुबंध शामिल हैं। इसमें संपत्ति या संपत्ति पर किसी भी ग्रहणाधिकार या ऋणभार, और हस्तांतरणकर्ता द्वारा की गई कोई वारंटी या अभ्यावेदन के बारे में विवरण शामिल हो सकते हैं।

एक बार ट्रांसफर डीड निष्पादित और पंजीकृत हो जाने के बाद, संपत्ति या संपत्ति का स्वामित्व कानूनी रूप से ट्रांसफरर से ट्रांसफरी को स्थानांतरित कर दिया जाता है, और ट्रांसफरी संपत्ति या संपत्ति का नया मालिक बन जाता है।


Spread the love

Leave a Reply