June 18, 2024
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इजरायल की निजी कम्पनी एनएसऔ ने पेगासस सॉफ्टवेयर बनाया जिसे वो किसी दूसरे देशों की सरकारों को बेचती है। इसमें उस देश के नागरिकों की जासूसी करने या उनकी निजी जानकारी हासिल करने ही सबसे आसान टेक्नीक है।
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इजरायल की निजी कम्पनी एनएसऔ (NSO)ने पेगासस सॉफ्टवेयर बनाया जिसे वो किसी दूसरे देशों की सरकारों को बेचती है। इसमें उस देश के नागरिकों की जासूसी करने या उनकी निजी जानकारी हासिल करने ही सबसे आसान टेक्नीक है।


इजरायल(  Israeli) की इस कम्पनी के भारत समेत बहुत सारे ग्राहक है। ये सॉफ्टवेयर आम नागरिकों व् किसी निजी कंपनियों को नहीं दिया जाता ये सिर्फ सरकारी एजेंसिओं को दिया जाता है। इसमें सरकार किसी का भी डेटा बड़ी आसानी से हासिल कर सकती है ये बस एक मिस्ड कॉल से भी हो सकता है।

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Pegasus Spyware

आपको बता दें सरकार इसे किसी भी नागरिक की फोटो , कॉल , कांटेक्ट , लोकेशन सहित सभी जानकारी कलेक्ट कर लेती। यानि जो दिनभर आप फ़ोन पर करेंगे उसकी सारी जानकारियां सरकार तक पहुँचती रहती है। हालाँकि इसका इस्तेमाल सरकारी एजेंसी कर सकती हैं लेकिन फिर भी वो जैसे चाहे इसे प्रयोग कर सकती है। पेगासस फ़ोन हैकिंग (Pegasus Phone Hacking ) में कई जानी मानी हस्तिओं के नाम आये हैं जिनके फ़ोन पेगासस द्वारा हैक किये गए हैं।

Pegasus Case
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हालाँकि कुछ नागरिकों का कहना है कि अगर हमारा फ़ोन हैक हो भी जाये तो हमे क्या फर्क पड़ेगा , सरकार हमारी जानकारी लेकर क्या कर लेगी , यहां उनको बताना चाहते हैं कि हैकिंग से आपका सारा कण्ट्रोल सरकार के पास चला जाता है फिर अगर आपको किसी मामले में चुप करवाना होगा तो आपको वो सभी निजी जानकारियां लीक करने की धमकी देकर आपको डराया जा सकता है जैसे अगर किसी जज का फ़ोन हैक हुआ होगा अगर वो कोई भी ऐसा फैसला लेना चाहता है जो सरकार नहीं चाहती तो सरकार उसे उसकी निजी जानकारी सर्वजनक करने के इरादे से फैसला बदला सकती है (यहां जज और सरकार का सिर्फ उधारण दिया जा रहा है कुछ अन्य मामलों कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसा कर सकते हैं या किसी भी सरकारी कर्मचारी के साथ ऐसा हो सकता है हमारा मकसद सरकार या किसी विभाग को बदनाम करना बिलकुल भी नहीं है ये सिर्फ आपको आसान भाषा में समझाने के लिए प्रयोग किया गया है ) क्यूंकि हैकिंग द्वारा सारी जानकारियां सरकार के पास होती है। कई बार ऐसी जानकारियां भी होती है जो हम किसी से भी शेयर नहीं करना चाहे लेकिन वो बिना चाहे ही सर्वजनक हो जाये तो कितना बुरा लगता है। फ़ोन में हमारी ज्यादातर निजी जानकरियां (Personal Information ) या फोटो विडोज़ होते हैं जो किसी और के लिए नहीं बल्कि सिर्फ हमारे निजी होते हैं।

अब शशि थरूर वाली संसदीय समिति इस मामले की जाँच करेगी , देखना दिलचस्प होगा कि इस समिति की जाँच में क्या क्या निकलकर सामने आता है।


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