Gama Pehlwan Birthday : बड़े बड़े पहलवानों को धूल चटाकर पूरी दुनियां में छा गए थे Gama Pehlwan -144th Birthday

Gama Pehlwan Birthday
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New Delhi : हमारे देश भारत ने आजादी से पहले भी और बाद में भी बहुत बड़े बड़े बलशाली पहलवान दिए हैं। Gama Pehlwan Birthday देश में देशी पहलवानों ने विश्व में जहाँ अपना नाम चमकाया वहीं भारत का नाम भी रोशन किया। ऐसे ही एक बीसवीं के सदी के मशहूर पहलवान थे गामा पहलवान। गामा पहलवान का जन्म 22 मई 1878 को पंजाब के अमृतसर में हुआ। आज देश उनके 144 वें जन्मदिन पर याद करता है। गूगल ने भी डूडल बनाकर गामा पहलवान को याद किया है।

गामा पहलवान का बचपन Gama Pehlwan Birthday

गामा पहलवान का पूरा नाम गुलाम मोहमद बख्स बट था। उनका जन्म 22 मई 1878 को पंजाब के जिले श्री मुक्तसर साहिब में हुआ। गामा पहलवान की लम्बाई 5 सात इंच थी। गामा पहलवान का वजन लगभग 115 किल्लो था। उनके पिता जी का नाम मुहमद अजीज बक्श था। बताया जाता है कि गामा पहलवान ने कुस्ती के गुर अपने पिता जी से ही सीखे थे।

Gama Pehlwan Birthday
Gama Pehlwan Birthday Google Doodle

गामा ने बचपन में ही पहलवान बनने का सपना देखा लिया था। उन्होंने कम उम्र ही अपने आसपड़ोस में कुस्ती लड़ना शुरू कर दिया यहां तक कि वो अपने नजदीकी गावों में भी जाने लगे। गामा पहलवान ने एक से बढ़कर एक पहलवान को मात देनी शुरू कर दी थी। इसी तरह उनका अपने एरिया में पहलवानी में नाम हो गया। इसके बाद गामा पहलवान ने साल 1910 में लंदन का रुख किया।

लंदन में गामा अपने भाई के साथ इंटरनेशनल चैम्पियन में भाग लेने गए थे। लेकिन यहां उनकी कम हाइट होने के चलते उन्हें एंट्री नहीं मिली। गामा ने इसके बाद वहां के सभी पहलवानों को चुनौती दी कि वो मात्र 30 मिंट में किसी भी पहलवान को हरा सकते हैं लेकिन उनकी चुनौती किसी ने भी स्वीकार नहीं की।

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गामा पहलवान के ख़िताब

अपने करियर में उन्होंने कई खिताब जीते, जिसमें वर्ल्ड हैवीवेट चैम्पियनशिप (1910) और वर्ल्ड कुश्ती चैम्पियनशिप (1927) भी जीता, जहां उन्हें ‘टाइगर’ की उपाधि से सम्मानित किया गया. बताया जाता है कि उन्होंने मार्शल आर्ट आर्टिस्ट ब्रूस ली को भी चैलेंज किया था. जब ब्रूस ली गामा पहलवान से मिले तो उन्होंने उनसे ‘द कैट स्ट्रेच’ सीखा, जो योग पर आधारित पुश-अप्स का वैरिएंट है. 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में गामा पहलवान रुस्तम-ए-हिंद बने।


गामा पहलवान की डाइट व् एक्सरसाइज

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Gama Pehlwan Photo

गामा पहलवान के गांव के रहने वाले थे और उनका खान-पान भी देसी हुआ करता था. रिपोर्ट दावा करती हैं कि उनकी डाइट काफी हैवी हुआ करती थी. वे रोजाना 10 लीटर दूध पिया करते थे. इसके साथ ही 6 देसी मुर्गे भी उनकी डाइट में शामिल थे. साथ ही वे एक ड्रिंक बनाते थे जिसमें लगभग 200 ग्राम बादाम डालकर पिया करते थे. इससे उन्हें ताकत मिलती थी और बड़े-बड़े पहलवानों को मात देने में मदद मिलती थी।

गामा पहलवान अपने साथियों के साथ कुस्ती किया करते थे , गामा रोजाना 5 हज़ार बैठक , 3 हज़ार पुश-उप किया करते थे। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने 1200 किलो का पथर उठा लिया था। इसके बाद गामा पहलवान का नाम काफी चर्चित हुआ था।


गामा पहलवान का अंतिम समय

गामा पहलवान का जन्म तो भारत पंजाब में हुआ लेकिन उनका अंतिम समय पाकिस्तान के लाहौर में गुज़रा। बताते हैं कि गामा पहलवान को अंतिम समय में काफी तंगी का सामना करना पड़ा। उन्हें अपने घर खर्चे व् दवाइयों के लिए अपने मैडल तक बेचने पड़े। आखिरकार लम्बी बीमारी के चलते 23 May 1960 लाहौर पाकिस्तान में उनका 82 साल की उम्र में निधन हो गया।


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