February 24, 2024
Body mobility and flexibility Tips

Body mobility and flexibility

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अगर गर्दन 90 डिग्री नहीं घूम रही तो रोज 30 सेकंड स्ट्रेचिंग शुरू कर दें ,बदन दर्द और अनिद्रा की समस्या दूर होगी ,मोटापा भी कम होगा। Body mobility and flexibility Tips दुनियाभर में तमाम लोग बदन दर्द से परेशान हैं। ठीक से सो भी नहीं पाते। शारीरक कमजोरी हो रही है तो इस की वजह लचीला पन भी हो सकता है।
सीधे झुककर पैर के अंगूठे को छू पा रहे हैं तो आपके घुटने दुरुस्त हैं

  • सीधे झुककर पैर के अंगूठे को छुएं। अगर छू पा रहे हैं तो आपकी कमर ,कूल्हे और घुटने पर्याप्त लचीले हैं। वरना आपको रोज स्ट्रेचिंग की जरूरत है।
  • सीधा बैठिए और गर्दन को 90 डिग्री पर दोनों तरफ घुमाइए। अगर गर्दन पूरी तरह घूम नहीं रही तो

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आपको मोबाइल और लेपटॉप से दूर रहना चाहिए। Body mobility and flexibility Tips

ओपन बुक टेस्ट :ये चार तरीके भी आजमाएं Body mobility and flexibility Tips

1 सीधा लेट जाइ। घुटने से पैर मोड़िये। फिर दाएं और बाएं जमीन तक ले जाइए।
2 दोनों हाथ सामने रखि। फिर गोल घुमाइए।
3 पंजे पर सीधा खड़े हो जाइए। हाथ सीधा ऊपर ले जाइए। 30 सेकंड ऐसे ही रहें।
4 दीवार के सामने घुटनों पर बैठिए। एक घुटने और हाथ से दीवार को धकेलिए।

लचीलापन बढ़ाने के लिए शरीर के हर अंग की स्ट्रेचिंग की जरूरत होती है। यह कभी भी कहीं भी की जा सकती है। हर अंग की स्ट्रेचिंग के लिए रोज 30 सेकंड और हफ्ते में 10 मिंट काफी है। वेट लिफ्टिंग से भी लचीलापन बढ़ता है। अगर आपकी गर्दन का लचीलापन कम हो रहा है तो स्ट्रेचिंग नियमित तौर पर करना शुरू करें। जिस अंग में स्टिफनेस यानी कड़ापन आ रहा है उसकी रोज स्ट्रेचिंग शुरू कर दें। Body mobility and flexibility Tips

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कुछ ही हफ़्तों में उन अंगों में लचीलापन आ जायेगा और लचीलेपन से अनिद्रा दूर होती है डिप्रेशन के हालात नहीं बनते। अगर लचीलापन जरूरत से जयादा है ,यह भी ठीक नहीं है। इससे शरीर के जोड़ कमजोर हो जाते हैं। डॉक्टर कहते हैं ,अगर बदन दर्द या जोड़ों पर बार- बार चोट लगने जैसी घटना नहीं होती तो चिंता की बात नहीं है।
-शीला सोलंकी


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