फिल्म लाल बादशाह की शूटिंग से पहले खूंखार अपराधियों से ट्रेनिंग लेने पहुंचे थे डेन्नी

फिल्म का शीर्षक, "लाल बादशाह," भारतीय इतिहास के एक महान व्यक्ति का संदर्भ है। लाल बादशाह, जिन्हें सैयद शाह तुरब उल हक के नाम से भी जाना जाता है, 19वीं सदी के एक सूफी संत थे, जो अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं और मानवीय कार्यों के लिए जाने जाते थे।

उत्पादन के मुद्दों और निर्देशक और निर्माताओं के बीच असहमति के कारण फिल्म की रिलीज में कई महीनों की देरी हुई। बोकाडिया कथित तौर पर फिल्म के अंतिम कट से नाखुश थे और कई बदलाव करना चाहते थे, लेकिन निर्माताओं ने फिल्म को जैसी थी वैसी ही रिलीज करने पर जोर दिया।

मनीषा कोइराला ने फिल्म "लाल बादशाह" में शिल्पा की भूमिका निभाई थी। शिल्पा एक दयालु सामाजिक कार्यकर्ता हैं जो गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए समर्पित हैं। वह अमिताभ बच्चन द्वारा अभिनीत लाल बादशाह से मिलती है, जो उसके सामाजिक कार्यों में उसकी मदद करता है और अंततः उसके प्यार में पड़ जाता है। शिल्पा का किरदार फिल्म की कहानी और प्रेम, बलिदान और सामाजिक न्याय सहित विषयों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिल्पा के रूप में मनीषा कोइराला के प्रदर्शन को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा समान रूप से सराहा गया, और आज भी बॉलीवुड सिनेमा के प्रशंसकों द्वारा प्यार से याद किया जाता है।