July 14, 2024
Cute young brunette woman and motorcycle on street

Cute young brunette woman and motorcycle on street

केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली 1989 के नियम 138 एफ के तहत डीलर्स को दोपहिया वाहन की बिक्री पर खरीदार को आईएसआई मानक वाला हेलमेट मुहैया कराना होगा..
Spread the love

helmet free with new bike and scooter law | नई बाइक लाने जा रहे हैं तो नया हेलमेट कम्पनी से फ्री लाएं

क्या आप जानते हैं कि जब आप कोई नई बाइक या कोई स्कूटर लाने जाते हैं  तो डीलर द्वारा आपको हेलमेट बिलकुल फ्री दिया जाता है वो भी आईएसआई मार्के वाला। जी हाँ , ऐसा मोटर व्हीकल नियम में बताया गया है। असल में सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से सभी राज्यों को सड़क हादसों में कमी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत प्रति वर्ष सड़क हादसों के आंकड़ों में कमी लाने की कोशिश की जाएगी।

helmet free with new bike and scooter law
ISI-Mark-On-Helmet

लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान करती है , क्यूंकि यहां लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं होती , इस लिए कोई भी डीलर से हेलमेट की मांग ही नहीं करता। वहीं कुछ डीलर इसका फर्जीवाड़ा करते हुए नकली हेलमेट ग्राहक को दे देते हैं। कुछ डीलर पुराने हेलमेट भी दे देते हैं। जबकि नियमों अनुसार बिना हेलमेट के बाइक का रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो सकता। इस लिए कुछ डीलर फ़र्ज़ी नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं।

क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट :- helmet free with new bike and scooter law

केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली 1989 के नियम 138 एफ के तहत डीलर्स को दोपहिया वाहन की बिक्री पर खरीदार को आईएसआई मानक वाला हेलमेट मुहैया कराना होगा। साथ ही डीलर को वाहन खरीदने वाले को हेलमेट देने का सबूत भी पेश करना पड़ेगा। नियमों के तहत हेलमेट के बिना दोपहिया वाहनों को बेचा नहीं जा सकता है, साथ ही डीलर्स को वाहन की डिलिवरी देते समय आईएसआई मार्क वाला हेलमेट देना जरूरी है।

helmet free with new bike and scooter law
ISI Helmet

अब फ़र्ज़ी नंबर डालने वाले नहीं बचेंगे : helmet free with new bike and scooter law

अब केंद्र सरकार ने अपना सॉफ्टवेयर अपडेट कर दिया है जिसके तहत कोई भी डीलर हेलमेट का फ़र्ज़ी नंबर नहीं डाल पाएंगे। अगर कोई डीलर फ़र्ज़ी नंबर डालेगा तो ये सॉफ्टवेयर उसे उठाएगा ही नहीं। इस सॉफ्टवेयर में डीलर को असली हेलमेट निर्माता कम्पनी का नाम व हेलमेट का असली नंबर डालना होगा।

इसके बाद पूरी जानकारी उस सॉफ्टवेयर पर आ जाएगी। इसके बाद जाँच अधिकारी गुणवता की जाँच के बाद वाहन रजिस्ट्रेशन को हरी झंडी मिलेगी। वहीं डीलर को पूरा सबूत भी देना होगा कि उसने ग्राहक को हेलमेट दिया है। वहीं अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


Spread the love

Leave a Reply